[2/1, 5:28 AM] mohammadshoyab1986: कोयला और बिजली टैरिफ को लेकर अडानी पावर से चल रहे विवाद में बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। BPDB के पक्ष में ब्रिटिश लॉ फर्म नियुक्त की गई है। बांग्लादेश का आरोप है कि अडानी महंगे कोयले के जरिए बिजली लागत बढ़ा रहा है।
[2/1, 5:29 AM] mohammadshoyab1986: भारतीय कंपनी अडानी पावर लिमिटेड के साथ कोयले की कीमतों और बिजली टैरिफ को लेकर चल रहे विवाद में बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी लड़ाई तेज कर दी है। इस मामले में अपने स्टेट-रन पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) का पक्ष मजबूती से रखने के लिए बांग्लादेश सरकार ने एक ब्रिटिश लॉ फर्म को नियुक्त किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।
[2/1, 5:29 AM] mohammadshoyab1986: BPDB के अधिकारियों के अनुसार, लंदन स्थित 3VP नामक एक लॉ फर्म को इस मामले में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया गया है। यह फर्म कमर्शियल एंड फाइनेंशियल विवादों में एक्सपर्टीज रखती है और सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) में चल रही मध्यस्थता कार्यवाही में BPDB की ओर से पक्ष रखेगी।
3VP फर्म की भूमिका क्या है?
बांग्लादेश के अखबार Business Standard (TBS) के मुताबिक, लंदन स्थित 3VP चैंबर्स पिछले कई महीनों से अडानी पावर के साथ हुए एग्रीमेंट की समीक्षा कर रही एक राष्ट्रीय समिति को कानूनी सलाह दे रही थी। इस लॉ फर्म का नेतृत्व किंग्स काउंसिल फरहाज खान कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मामलों के अनुभवी वकील माने जाते हैं।
[2/1, 5:30 AM] mohammadshoyab1986: यह नया घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब राष्ट्रीय समीक्षा समिति ने पावर सेक्टर से जुड़े उन एग्रीमेंट्स पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी, जो डिपोज्ड प्राइम मिनिस्टर Sheikh Hasina की अवामी लीग सरकार के कार्यकाल में किए गए थे। रिपोर्ट सौंपे जाने के सिर्फ पांच दिनों के अंदर ही 3VP को औपचारिक रूप से नियुक्त किया गया।
[2/1, 5:31 AM] mohammadshoyab1986: अडानी पावर और मध्यस्थता की शुरुआत
बांग्लादेश के पावर डिवीजन के एक सीनियन अधिकारी ने बताया कि ब्रिटिश लॉ फर्म को नियुक्त करने का फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि अडानी पावर लिमिटेड ने पिछले साल सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर में मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) की प्रोसेस शुरू कर दी थी। अडानी पावर का दावा है कि विवादित कोयला टैरिफ से जुड़े करीब 48.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पेमेंट अब तक बकाया हैं।
[2/1, 5:32 AM] mohammadshoyab1986: बांग्लादेश का मुख्य आरोप
बांग्लादेश का कहना है कि अडानी पावर बहुत ज्यादा कीमत पर कोयला बेच रही है। इससे बिजली उत्पादन की लागत असामान्य रूप से बढ़ गई है, जिसका सीधा असर देश की बिजली व्यवस्था और सरकारी ख़र्चों पर पड़ रहा है। 5 अगस्त 2024 को छात्र-नेतृत्व वाले हिंसक सड़क विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना सरकार गिर गई। इसके बाद बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) ने अडानी के साथ हुए समझौते पर दोबारा बातचीत शुरू करने के प्रयास तेज कर दिए, ताकि शर्तों की समीक्षा की जा सके और लागत को कम किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाई के लिए सबूत मिलने का दावाराष्ट्रीय समीक्षा समिति ने कहा है कि उसके पास अडानी पावर लिमिटेड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए पर्याप्त और मजबूत सबूत मौजूद हैं। समिति का मानना है कि इन सबूतों के आधार पर बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय अदालतों का रुख कर सकता है। अंतरिम सरकार के एनर्जी कंसल्टेंट फौज़ुल कबीर खान के अनुसार, अडानी के अधिकारियों और कुछ बांग्लादेशी अधिकारियों के बीच पैसों के लेन-देन के सबूत मिले हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही कानूनी प्रोसेस औपचारिक रूप से शुरू होगी, समिति ये सबूत अदालत में पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि समिति की ओर से जुटाए गए सभी सबूत आगे की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ACC) को सौंप दिए गए हैं। अब ACC इन आरोपों की स्वतंत्र जांच करेगा।
