Provident Fund (PF) सैलरी लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव चर्चा में है जो लाखों कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। वर्तमान में Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के लिए जिनका बेसिक वेतन 15,000 रुपये तक है , उन्हें PF और पेंशन स्कीम (EPS) में शामिल होना अनिवार्य है।
लेकिन सरकार अब इस PF वेतन सीमा को 10,000 रुपये बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने पर विचार कर रही है, जिससे इसमें और अधिक कर्मचारियों को शामिल किया जा सकेगा।यह बदलाव 2014 के बाद पहली बार हो सकता है जब PF सैलरी लिमिट में वृद्धि की जाएगी। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो यह 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो सकता है।
प्रस्ताव का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य सोशल सिक्योरिटी कवरेज को विस्तृत करना है ताकि जो कर्मचारी अब तक PF और EPS के दायरे के बाहर हैं, उन्हें भी इन लाभों का फायदा मिले। वर्तमान में कई क्षेत्रों में मिनिमम वेज काफी बढ़ गया है, लेकिन PF वेतन सीमा में सालों से कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह स्थिति कई कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट बेनेफिट से दूर रखती है।इसलिए, सुप्रीम कोर्ट ने EPFO और केंद्र सरकार को PF लिमिट बढ़ाने का निर्णय चार महीनों के अंदर लेने का निर्देश दिया है, जिससे प्रक्रिया और तेज हो गई है।
प्रस्ताव कहां और कब चर्चा में आएगायह प्रस्ताव EPFO Central Board of Trustees (CBT) की आगामी बैठक में रखा जाएगा, जो अगले महीने होने की संभावना है। इस बैठक में यदि बोर्ड प्रस्ताव को हरी झंडी देता है तो इसे वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत से लागू किया जा सकता है।
सरकार इस प्रस्ताव को सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क का विस्तार मानती है, क्योंकि इससे PF और Pension दोनों के लिए सैलरी सीमा 15,000 से बढ़कर 25,000 रुपये हो जाएगी और अन्य कर्मचारियों को भी EPFO के कवरेज में लाया जा सकेगा।
